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NEW BORN SCREENING

NEW BORN SCREENING

कुछ अनुवांशिक रोग ऐसे होते हैं जो नवजात शिशुओं को प्रभावित करते हैं । New Born Screening (NBS) ऐसी ही एक जाँच है जिससे नवजात शिशु में होने वाले कुछ अनुवांशिक रोगों को लक्षण प्रकट होने से पहले ही समय रहते उपचार दिया जा सकता है । यह रोग बच्चों के शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं । अतः इनका शिशु के जन्म के 24 से 72 घंटे में परीक्षण किया जाना चाहिए ।

INDIAN ACADEMY OF PEDIATRICS द्वारा यह जाँचे अनुशंसित है।
New Born Screening (NBS) मैं पाँच प्रकार के अनुवांशिक रोगों की जाँच की जाती है जो निम्न प्रकार के हैं :-

17-OHP : जन्मजात एड्रेनल हाइपरप्लासिया (CAH) जो आनुवंशिक विकार है जो अधिवृक्क ग्रंथियों को प्रभावित करता है |

IRT : मानव इम्यूनोरिएक्टिव ट्रिप्सिनोजेन (आईआरटी) का मात्रात्मक निर्धारण सिस्टिक फाइब्रोसिस (सीएफ) के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में उपयोगी टेस्ट माना जाता है। सिस्टिक फाइब्रोसिस जिगर, अग्न्याशय (पेंक्रिआज), मूत्राशय के अंग, जननांग और पसीने की ग्रंथियों को प्रभावित करता है।

G6PD : ग्लूकोज-6-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज (जी-6-पीडी) की कमी एक आनुवंशिक विकार है जो लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है और लाल रक्त कोशिकाओं को समय से पहले टूटने का कारण बनता है जिससे हेमोलिटिक एनीमिया हो जाता है।

Galactose : यह परीक्षण फ्री गैलेक्टोज और गलैक्टोस 1 फास्फेट के विभेदन से निकले हुए गलैक्टोस का निर्धारण करता है |

hTSH : जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म (सीएच) के लिए मानव थायरोट्रोपिन का मात्रात्मक निर्धारण |

अपने डॉक्टर की सलाह लें | टेस्ट संपूर्ण पर उपलब्ध |
“ स्वस्थ संतान, परिवार के लिए वरदान ”

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